कामुकता कहानी माँ बेटी और राजू


Click to Download this video!

उस समय मैं और मम्मी उस घर में अकेले ही रह गये थे। बड़ा घर था। पापा की असामयिक मृत्यु के कारण मम्मी को उनकी जगह रेल्वे में नौकरी मिल गई थी। मम्मी की आवाज सुरीली थी सो उन्हें मुख्य स्टेशन पर अनांउन्सर का काम मिल गया था।

यूँ तो अधिकतर सभी कुछ रेकोर्डेड होता था पर कुछ सूचनायें उन्हें बोल कर भी देनी होती थी। मम्मी की उमर अभी कोई अड़तीस वर्ष की थी। अपने आप को उन्होंने बहुत संवार कर रखा था। उनका दुबला पतला बदन साड़ी में खूब जंचता था। रेलवे वाले अभी भी उन पर लाईन मारा करते थे। शायद मम्मी को उसमें मजा भी आता था।


मैं भी मम्मी की तरह सुन्दर हूँ… गोरी हूँ, तीखे नयन नक्श वाली। कॉलेज में मेरे कई आशिक थे, पर मैंने कभी भी आँख उठा कर उन्हें नहीं देखा था। हाँ, वैसे मैंने एक आशिक संदीप पाल रखा था। वो मेरा सारा कार्य कर देता था। घर के काम… बाहर के काम… कॉलेज के काम और कभी कभार मम्मी के काम भी कर दिया करता था। वैसे मैं उसे भैया कहकर बुलाती थी… पर मम्मी को पता था कि यह तो सिर्फ़ दिखावे के लिये है। फिर एक बार मम्मी की अनुपस्थिति में उसने मुझे जबरदस्ती चोद भी दिया था। मेरा कुंवारापन नष्ट कर दिया था।… बस उसके बाद से ही मेरी उससे अनबन हो गई थी। मैंने उससे दोस्ती तोड़ दी थी। यूं तो उसने मुझे मनाने की बहुत
कोशिश थी पर उसके लिये बस मन में एक ग्लानि… एक नफ़रत सी भर गई थी।

उस समय मैं कॉलेज में नई नई आई ही थी। घर तो अधिकतर खाली ही पड़ा रहता था। मम्मी की कभी कभी रात की ड्यूटी भी लग जाती थी… वैसे तो उन्हें दिन को ही ड्यूटी करनी पड़ती थी पर इमरजेन्सी में तो जाना ही पड़ता था। मम्मी यह जान कर अब परेशान रहने लगी थी कि मुझे रात को अकेली जान कर कोई चोद ना दे… या चोरी ना हो जाये। हम दोनों ने तय किया कि किसी छात्र को एक कमरा किराये पर दे दिया जाये तो कुछ सुरक्षा मिल सकती है। हम किसी परवार को नहीं देना चाहते थे क्योंकि फिर वो घर पर कब्जा करने की कोशिश करने लगते थे। यहाँ तो यह आम सी बात थी। हमें जल्दी ही एक मासूम सा लड़का… पढ़ने में होशियार… मेरे ही कॉलेज का एक लड़का मिल गया। मम्मी ने जब मुझे बताया तो मुझे भला क्या आपत्ति हो सकती थी। वो मेरा सीनियर भी था। राजेन्द्र था उसका नाम, जिसे हम राजू कह कर बुलाते थे।

यह कहानी भी पड़े फिर से जवानी आ गई - 2

कुछ ही दिनों में उसकी और मेरी अच्छी मित्रता भी हो गई थी। हम दोनों आपस में खूब बतियाते थे। मम्मी तो बहुत ही खुश थी। हम सभी साथ साथ टीवी भी देखते थे। भोजन भी अधिकतर वो हमारे साथ ही करता था। फिर वो एक दिन पेईंग गेस्ट भी बन गया। पांच छ: माह गुजर चुके थे। उसका कमरा मेरे कमरे से लगा हुआ था दोनों के बीच में खिड़की थी जो बन्द रहती थी। कांच टूटे फ़ूटे होने के कारण मैंने एक परदा लगा रखा था। वो अपने कमरे में रात को अक्सर अपने कम्प्यूटर पर व्यस्त रहता था। मुझे राजू से इतने दिनों में एक लगाव सा हो गया था। मैं अब उस पर नजर रखने लगी थी कि वो क्या क्या करता है? जवान वो था… जवान मैं भी थी, विपरीत सेक्स का आकर्षण भी था। एक बार खिड़की के छेद से… हालांकि बहुत मुश्किल से दिखता था… पर कुछ तो दिख ही जाता था… मैंने कुछ ऐसा देख लिया कि मेरे दिल में खलबली मच गई। मेरा दिल धड़क उठा था। आज उसके कम्प्यूटर की जगह उसने बदली दी थी,

एकदम सामने आ गया था वो। वो रात को ब्ल्यू फ़िल्म देखा करता था। आज उसकी पोल भी खुल गई थी। मुझे भी उसकी लगाई हुई अब तो ब्ल्यू फ़िल्म साफ़ साफ़ दिख रही थी। मुझे अब स्टूल लगा कर नहीं झांकना पड़ रहा था। वो कान में इयरफ़ोन लगा कर फ़िल्म देख रहा था। फिर चूंकि उसकी पीठ मेरी तरफ़ थी इसलिये पता नहीं चला कि वो अपने लण्ड के साथ क्या कर रहा था पर मैं जानती थी कि
साहबजादे तो मुठ्ठ मारने की तैयारी कर रहे थे। वो जब चुदाई देख कर उबलने लग गया तो उसने अपनी पैंट उतार दी और फिर कुर्सी सरका कर नीचे बैठ गया। उसका लम्बा मोटा लण्ड तन कर बम्बू जैसा खड़ा हुआ था। उसने अपने लण्ड की चमड़ी को ऊपर खींच कर सुपारा बाहर निकाल लिया। इह्ह्ह्ह… चमकदार लाल सुपारा… मेरा मन डोल सा गया। उसका लण्ड अन्जाने में मुझे अपनी चूत में घुसता जान पड़ा। पर उसकी सिसकी ने ध्यान फिर खींच लिया। उसने अपना हाथ अपने सख्त लण्ड पर जमा लिया। मेरा हृदय घायल सा हो गया… एक ठण्डी आह सी निकल गई। उफ़्फ़ ! क्या बताऊँ मैं… मैं तो बस मजबूर सी खड़ी उसका मुठ्ठ मारना देखती रही और सकारियाँ भरती रही। उसका उधर वीर्य छलका, मेरी चूत ने भी अपना कामरस छोड़ दिया।

यह कहानी भी पड़े भाभी की चुदाई का मस्त मजा लिया लंड चुसवाने के बाद

मैंने अपनी चूत दबा ली। मेरी पेंटी गीली हो चुकी थी। मैंने जल्दी से परदा खींच दिया और अपनी चड्डी बदलने लगी। उस रात को मुझे नींद भी नहीं आई, बस करवटें बदलती रही… और आहें भरते रही… रात को फिर मैंने एक बार पलंग से नीचे उतर कर मुठ्ठ मार ली। पानी
निकालकर मुझे कुछ राहत सी मिली और मुझे नींद भी आ गई। मेरी नजरें अब राजू में कुछ ओर ही देख रही थी, उसके जिस्म को टटोल रही थी। मेरी नजरें अब राजू में सेक्स ढूंढने लगी थी। मेरी जवानी अब बल खाने लगी थी, लण्ड खाने को जी चाहने लगा था। मेरी यह सोच चूत पर असर डाल रही थी, वो बात बात पर गीली हो जाती थी। कॉलेज में भी मेरा मन नहीं लगता था, घर में भी गुमसुम सी रहने लगी। कैसे राजू से प्रणय निवेदन किया जाये… बाबा रे ! मर जाऊँगी मैं तो… भला क्या कहूँगी उसे…

और मजेदार सेक्सी कहानियाँ:

Pages: 1 2 3 4


Online porn video at mobile phone


लंड पे मंगलसूत्र लपेट के चूसचाची की चुत चाटने मजा आता हैतृप्ती दिदि सेक्स काहानिमौसी और मा की चुदाईNayana sexबहन की अंग प्रदर्शन की कहानियाँWww.sexbaba.com/Samuhikतै की चुदाई देसी बीस कॉमdady ne mujhe 11ench ke land se choda stori and stori .comबूढ़ी नौकरानी के साथ चुदाई की कहानियांshuhagrat pe gannd msrisex storypapa ne pet se kiya hindi sex khaniyaहिंदी सेक्सी कहानियाँboor fatne ki xxx kahani comविडो माँ सेक्स कहानी हिंदीचुदक्कड औरतBehan ne gift diya sex stories पडोस की भाभी की मोटी गाड की मालिशdildo se meri chut ki sel thodiभाभी को बीसतार पर लेटा कार देवर ने मारी गाड//buyprednisone.ru/behen-ko-randi-banaya/5/चोदनाchuse meri land bhenchodकालीचुत लँडभाभी की चुदाईब्रा पंतय की दुकान पर सेक्स हिंदी स्टोरीजनिसा मोसि बूबसमाँ की गाङ मारीगलती से sex storyदोस्त की माँ को चोदाaunty k tarbuj jese chuchiya sex kananiyasexsstori.comaakhirme chudwane razi ho gayee sex storymom ke liye bra kharidi sex storyहिंदी सेक्स स्टोरी हरामी ने छोड़ामाँ की चुदाई नाहते समय सेक्सी स्टोरी हिंदीhard se hard chute mai land kese ghusae hindi sexy storyएक भाई की वासनाअन्तर्वासनाएक अनोखा संयोग 2 sex stories Sabke sone ke bad aanty ne chut Di Hindi sex storyAnatarvasna me solelymadarchod.nada.khool.de.hindiमेरे दोस्त ने मेरी भाभी को चोदा-2चूतस्टोरी मोटा लंड मराठीपड़ोस वाली लड़की की चुदाई मालिश के बाद सेक्स स्टोरीनया यौवन सेक्स कहानियाँbehan ka gangbang birthday sex storyनशीली चूतदिदी कौ सामूहीक चूदाईभाभी के चिकने पैरनिसा मोसि बूबसantarvasna bua Hindidudhki chudaikahaniसेकसीलडकीbacchi ki barbadi sex storyरात में छत पर लड़के का अंडरवियर खोलाचूततेरी बीवी की ब्रा उतार रहा हूंचची की छूट की गर्मी मुझसे उतरी हिंदी स्टोरी पडोस की भाभी की मोटी गाड की मालिशantarvasna.jhad gayi par nahi ruka dhakke lagata rahaChudai ke liye actress chahiye photoभाई मेरी चूत फाड़ेगा क्याहिन्दी गे गाड मरवते विडिओचुदाईचाचा ने लड़की की चुदाईantarvasna in hindi new सामूहिक चुदाईमेरे सामने नंगी खड़ी थीचोदकर पेट से कर दियाphimsetmyhangरागिनी और उसके बहनो की सेक्सी कि चूत चुदाई बुर फाड कहानियाsakse cdai video dekayoदीवाली सेक्स स्टोरीantarvasna मुझे लगा कि मैं इसे नहीं ले पाऊँगीxxx हिन्दी माँ बेटे कहानी बीडीओकामोन्माद चुदाई